Saturday, July 10, 2010

बचपन के दिन.....

बचपन के दिन फिर से आयें....
झूला झूलें, गाना गायें....
मिटटी में फिर खेलें कूदें....
जब जी चाहे नदी नहायें....

चिंता ना हो सर पर अपने....
देखें जी भर के हम सपने....
उन सपनों में फिर खो जाएँ........................बचपन के दिन.....!

1 comment:

  1. Bachpan sabse pyaara hota hai..... bahut khoob....

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