Friday, July 30, 2010

कॉमन-वेल्थ खेल!

पूरा सरकारी तंत्र कॉमन-वेल्थ खेल का नारा लगा रहा,
कोई खेल के नियमों को, तो कोई खेल का ही किनारा लगा रहा है,
बहुत सारे लोगों के भाग्य बदल गए हैं यहाँ पर,
मारुती 800 छोड़ आज वो (नेता, कान्ट्रेक्टर, आदि) BMW  चला रहा है.

खिलाड़ियों कि तैयारी कि बात ना करें आप.
वो तो भाग्य भरोसे ही रहेंगे,
क्यूंकि उनके लिए आये पैसों से,
कोई अपने लिए नए फर्नीचर तो कोई नए घर बना रहा है.

मैंने देखा इक खिलाड़ी जी-जान से तैयारी कर रहा है,
इसलिए नहीं कि वो दौड़ में जीत जाए,
बल्कि इसलिए कि कैसे टूटे-फूटे रन-वे पे खुद को बचा पाए.
वो तो इन गुरुओं (नेताओं) के खेल में गोते लगा रहा है....!

7 सालों से कार्यक्रम कि योजना बन रही है,
हर दिन काम पूरी होने कि तारीख बदल रही है...
अब तो चेत जाओ हमारी सरकार के खेल सम्राटों,
वरना कॉमन-वेल्थ के साथ भारत का अभिमान भी जा रहा है......!

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