Tuesday, August 3, 2010

मेरा आवारापन..

कई रास्ते मिले, कई मंजिलें मिलीं,
जिंदगी के सफ़र में, कई मुश्किलें मिलीं..
कुछ ऐसे भी मोड़ थे, जहाँ था खालीपन,
पर रुकते नहीं कदम, और ये आवारापन...!!

कोई साथी भी ना हो, कोई कारवां ना हो,
इक डगर नयी हो, कोई रेहनुमा ना हो,
चलता रहूँ मै, ना दिल में कोई गम,
रुकते नहीं कदम, और ये आवारापन...!!

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