Sunday, August 28, 2011

Hum Badlenge (Be The Change)

एक नया स्वर गूँज रहा है, इस धरती से अम्बर तक.
मिलकर युद्ध करंगे हम, तन में धड़कन है जब तक.

ये युद्ध नहीं है गैरों से, खुद में परिवर्तन करना है.
दृढ निश्चय करना है हमको, जब तक जीवन जीना है.

आज शपथ लेना है हमको, भ्रष्टाचार मिटायेंगे,
कभी किसी को कुछ ना देंगे, कभी ना खुद भी खायेंगे.

कोई नियम नहीं बदलेगा, जब तक हम ना बदलेंगे,
यथास्थिति बनी रहेगी, जब तक हम ना सुधरेंगे.

आज वचन लेते है हम, खुद में परिवर्तन लायेंगे,
आने वाले भारत को, एक नया समाज दिलाएंगे.



"Be the change you want to see in the world.” Mahatma Gandhi

2 comments:

  1. Awesome dost....feels grt..to give u inspiration t write it...publishing material..make it a copy right and send it to some news paper....if u want i can do it!!--prerna

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  2. Wonderful lines sir..very true !!

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