Sunday, August 9, 2015

इलाहाबाद में अंग्रेजी नाश्ता

हमें अंग्रेजी बोलता देख
ड्राईवर सीधे अंग्रेजी नाश्ते की दुकान पर ले गया
और बोला
"साहब चीज-सैंडविच खाओ"

हमने कहा "अरे भाई-
दिखावे पे मत जाओ, अपनी अकल लगाओ।
भाषा छोड़ सब देशी है
अरे ये तो बता, कौन से एंगल से हम विदेशी हैं?"

वो सकपकाया और धीरे से बोला-
"साहब क्या कहें हम गरीब तो दर-ब-दर भटकते हैं।
पर आजकल अपने ही सबसे ज्यादे अँगरेज़ बने फिरते हैं।"

बात तो सच ही कही उसने अपने ही अंदाज़ में
कहीं खुद को ही तो नहीं भूल रहे दिखावे के राज में।

2 comments:

  1. Kahan gaya hain pandey ji. Twitter aapko miss kar raha hai. Hope all is well. !

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