Monday, May 29, 2017

साथ तुम्हारा....!

सम्भव है साथ तुम्हारा हो हाथों में हाथ तुम्हारा हो। हों सपने सुहाने जीवन के, हर साँस में नाम तुम्हारा हो।।

तुम साथ चलो तो क़दम बढ़ें, रुक जाओ तो साँसे थम जाएँ। जिस दिन भी तुमको ना देखें, हर लफ़्ज़ में नाम तुम्हारा हो।।

No comments:

Post a Comment